करवाचौथ: पति के लिए मौत मांग रही पत्नी, पढ़ेंगे, तो कहेंगे थू, ऐसा पति! - धर्म संसद
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करवाचौथ: पति के लिए मौत मांग रही पत्नी, पढ़ेंगे, तो कहेंगे थू, ऐसा पति!

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करवाचौथ पर पत्नियों ने पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए ईश्वर से पति की लंबी उम्र की कामना की, पर पंजाब के अमृतसर के इस्लामाबाद की शोभा ने करवाचौथ पर पति के लिए ईश्वर और धरती के कानून दोनों से मौत मांगी। कितनी हैरान करने वाली बात है कि करवाचौथ पर एक पत्नी अपने पति के लिए मौत मांग रही है।

शोभा कहती है कि उसे गोली से उड़ा दिया जाए। फांसी दे दी जाए, तो भी कम है, जो उसने मेरे साथ किया है। शोभा की पूरी कहानी जब आप जानेंगे, तो कह उठेंगे, थू, ऐसा पति।

आंखों में सपने लिए शादी के बाद विदेश गई थी शोभा

शोभा की शादी 2002 में मुकेश से हुई थी। मुकेश मलेशिया में रहता है। वह भारत आया, उसने शोभा से शादी की और शोभा को दुल्हन बनाकर मलेशिया ले गया। आंखों में सात रंग के सपने लिए शोभा मलेशिया पहुंची, पर वहां पहुंचते ही शोभा के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। मुकेश ने पहले से मलेशिया में शादी कर रखी थी। उसके बच्चे भी थे। वह शोभा को वहां ले गया और उस पर बेइंतहा जुल्म करने लगा। शोभा परदेस में किससे अपना दुख कहती। सबकुछ सहती रही, पर जुल्म बढ़ते गए। उसका पासपोर्ट छीन लिया गया, ताकि वह भाग भी न सके।

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मुकेश मलेशिया में ठाठ कर रहा, यहां दिन-रात सिसक रही शोभा

किसी तरह शोभा ने एक दिन मुकेश के चंगुल से छूटकर पुलिस से संपर्क किया। शोभा ने अपनी पूरी कहानी पंजाब फोन कर अपने परिजनों को दी। परिजनों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की गुहार लगाई। इसके बाद किसी तरह शोभा भारत वापस लौटी। मुकेश पर एफआईआर दर्ज तो हुई, पर उसका कुछ नहीं बिगड़ा। वह वहां पूरे ठाठ से मलेशिया में रह रहा है और यहां शोभा दिन-रात सिसक रही है।

सिर्फ शोभा ही नहीं, कई पत्नियां मांग रही पति के लिए मौत

सिर्फ शोभा एकमात्र ऐसी महिला नहीं है, जो करवाचौथ पर अपने पति के लिए मौत मांग रही है। भारत में बड़ी संख्या में ऐसी पत्नियां हैं, जिनके एनआरआई पतियों ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। शादी के बाद एकबार विदेश गए, तो वापस ही नहीं लौटे। कुछ अपने साथ पत्नियों को ले गए, तो उनके साथ वहां जानवरों से भी बदतर सुलूक किया। नौकरानी बनाकर रखा।

जब पत्नियों को यकीन हो गया कि उनकी शादी हैवान से हो गई है और इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता, तो वे खुद ही वहां से किसी तरह भाग कर भारत लौट गईं। दूसरे देश में होने के कारण ये पति भारत की पुलिस से तो बच जा रहे हैं, पर करवाचौथ पर चांद को देखते हुए इन पत्नियों के हृदय से जो हाय (आह) निकल रही है, वह तो चांद के पार तक पहुंचेगी ही। इस आह को किसी देश की सीमा नहीं रोक सकती। ईश्वर इन आह का हिसाब इन हैवान पतियों से लेगा ही और जब कुदरत का कहर इन हैवानों पर टूटेगा, तो इनके पास माफी मांगने का भी वक्त नहीं होगा।

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आह में इतनी ताकत कैसे होती है, इसे समझें

जब कोई स्त्री या पुरुष किसी के साथ बेइंतहा जुल्म करता है। हैवानियत करता है। उसका दिल दुखाता है। उसके साथ अत्याचार करता है, तो एक सीमा के बाद पीड़ित की सहनशक्ति जवाब दे जाती है। तब उसका कलेजा फट जाता है और उसके दिल से आह निकलने लगती है, जो सीधे ईश्वर तक पहुंचती है। बिल्कुल ऐसा ही प्रार्थना के साथ भी होता है। अगर आप किसी की बहुत सेवा करते हैं, तो एक समय ऐसा आता है कि वह सेवा करने वाले या मदद करने वाले के लिए अपने आप हृदय से प्रार्थना करने लगता है।

यह प्रार्थना सिफारिश के रूप में सीधे ईश्वर तक पहुंचती है। ईश्वर प्रसन्न होते हैं और सेवा या मदद करने वाले व्यक्ति के जीवन को खुशियों से भर देते हैं। उसी तरह जब आह ईश्वर तक पहुंचती है, तो ब्राह्मांड की सकारात्मक शक्तियां ऐसे हैवान के खिलाफ हो जाती हैं। वह पूरी तरह नकारात्मक शक्तियों की चपेट में आ जाता है। नशा, व्याभिचार, बेईमानी, हिंसा, झूठ उसके साथी बन जाते हैं और धीरे-धीरे वह पूरी तरह बर्बाद हो जाता है।

इस आह के ताप से बचने का है एक ही तरीका

यही कुदरत का कानून है। यही कुदरत का इंसाफ है। इससे कोई नहीं बच सकता। चाहे कोई कितनी भी पूजा कर ले। कितने भी तीर्थों की यात्रा कर ले। कितनी भी पवित्र नदियों में स्नान कर ले। ब्राह्मणों को दान दे दे। आह के ताप से कैसे भी नहीं बचा जा सकता। इससे बचने का एक ही तरीका है क्षमा। क्षमा किससे। भगवान से नहीं, उसी स्त्री या पुरुष से जिसके साथ उसने गलत किया है। अगर वह पीड़ित उसे हृदय से क्षमा कर दे, तो वह ईश्वर के प्रकोप से बच सकता है। दूसरी कोई विधि नहीं है। दूसरा कोई तरीका नहीं है।

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