दें इन पांच सवालों का जवाब और उत्तर ये है, तो तुरंत ढूंढ़ लें दूसरी नौकरी - धर्म संसद
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Image Courtesy: indiatoday.in

दें इन पांच सवालों का जवाब और उत्तर ये है, तो तुरंत ढूंढ़ लें दूसरी नौकरी

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करियर से जुड़े निर्णय लेना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। कोई वर्षों से कहीं नौकरी कर रहा होता है, अचानक उसे महसूस होता है कि अब यहां मन नहीं लग रहा है। वह फिर भी मन को मार कर रोज ऑफिस जाता है। करना भी यही चाहिए। थोड़ी-बहुत परेशानी तो हर जगह आती है। करियर के फैसले भावना में बह कर नहीं लेने चाहिए, पर अगर लंब समय तक ऐसा महसूस होता है, तो ऐसी स्थिति में अपने आप से आठ सवाल पूछना चाहिए और अगर इन आठ सवालों के ज्यादातर जवाब ना में हैं, तो तुरंत दूसरी नौकरी ढूंढ़ने का काम शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि अगर ऐसा है, तो यह नौकरी धीरे-धीरे आपको अंदर से खा जाएगी। यह नौकरी आपके अंदर की ऊर्जा, हौसला, आत्मविश्वास को धीरे-धीरे खत्म करना शुरू कर देगी। पूछिए अपने आप से ये आठ सवाल।

1. क्या सीखने-करने को कुछ नया है, क्या काम को लेकर आप में उत्साह है?

आप जो काम कर रहे हैं, उसमें क्या सीखने और करने के लिए कुछ नया है या आप एक जगह फंसकर रह गए हैं। अगर इसका जवाब ना में है। आपकी इस नौकरी में सीखने और करने के लिए कुछ भी नया नहीं है, तो आपको घुटन होगी ही होगी। आगे बढ़ने की इच्छा, नया करने की इच्छा, नया सीखने की इच्छा स्वभाविक है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। ऐसी इच्छाएं हर मनुष्य में होनी ही चाहिए। अगर आप ऐसी स्थिति में फंस गए हैं, तो तुरंत दूसरी नौकरी ढूंढ़ना शुरू कर दें, पर नौकरी ढूंढ़ते वक्त इसका ध्यान रखें कि नई नौकरी ऐसी हो, जहां कुछ नया सीखने और नया करने के अवसर हों, वरना नई नौकरी में भी कुछ दिनों बाद पुरानी नौकरी वाली घुटन महसूस होने लगेगी। दोनों में कोई फर्क नहीं रह जाएगा।

2. क्या बॉस या दूसरे सहकर्मियों से आपके रिश्ते तनावपूर्ण हैं?

अगर आपके रिश्ते किसी भी वजह से बॉस या दूसरे सहकर्मियों से तनावपूर्ण हो गए हैं, तो इसे फिर से सुधार कर सामान्य बनाना बहुत मुश्किल होता है। हर व्यक्ति का दिल बड़ा नहीं होता। अधिकांश लोगों के मन में अगर किसी के बारे में कोई धारणा एकबार बैठ जाती है, तो वे उसी को पकड़े रहते हैं। भले ही वह व्यक्ति अपनी कमियों को ठीक कर ले, पर उन लोगों को वह बदलाव नहीं दिखता, जिन्होंने उसके बारे में कोई धारणा पहले से बना रखी है। इसके अलावा पुरानी वजहों से कई बार बॉस में और दूसरे सहकर्मियों में बदले की भावना भी आ जाती है। वे जान-बूझकर परेशान करने की कोशिश करने लगते हैं। अगर ऐसी स्थिति है, तो दूसरी नौकरी ढूंढ़ लेना ही बेहतर होगा।

3. कंपनी आपको बोझ समझ रही है?

आप किसी कंपनी में कई सालों से हैं। कितने लोग आए और चले गए, पर आप उस कंपनी में जमे हुए हैं। आपका व्यवहार भी सबके साथ अच्छा है, पर कंपनी आपको ग्रोथ नहीं दे रही है। जब भी आगे बढ़ाने की बारी आती है, तो कंपनी या तो बाहर से किसी को ले आती है या फिर किसी और को मौका दे देती है। अगर ऐसी स्थिति है, तो इसका मतलब यह है कि कंपनी आपको बोझ समझ रही है। कंपनी को ऐसा लगता है कि आप इतने वर्षों से वहां सिर्फ इसलिए टिके हुए हैं क्योंकि आप में कहीं और जाने की क्षमता नहीं है।

कंपनी आपकी निष्ठा (लॉयल्टी) को आपकी विवशता समझ रह है। अगर ऐसी स्थिति है, तो आपको तुरंत दूसरी नौकरी ढूंढ़नी शुरू कर देनी चाहिए। यहां आपके लिए खतरे की घंटी बज रही है। अगर आप इसे नहीं सुनेंगे। नजरअंदाज करेंगे, तो कंपनी ही किसी दिन आपको किनारे कर देगी।

4. क्या छोटी-छोटी बातों पर दूसरे कर्मचारियों को निकाल रही है कंपनी

अगर आपकी कंपनी छोटी-छोटी बातों पर दूसरे कर्मचारियों को निकाल रही है, तो आपको कोई खतरा नहीं भी है, तो सचेत हो जाएं। कंपनी जो काम दूसरे कर्मचारियों के साथ कर रही है, वह कल आपके साथ भी कर सकती है। यह कभी न सोचें कि कंपनी दूसरे के साथ तो यह कर रही है, पर मेरे साथ ऐसा नहीं करेगी। अगर कंपनी दूसरे के साथ ऐसा कर रही है, तो आज नहीं, तो कल आपके साथ भी ऐसा कर सकती है।

5. कंपनी का ग्रोथ नहीं हो रहा है

आपका ग्रोथ कंपनी के ग्रोथ से जुड़ा हुआ है, अगर कंपनी का विकास नहीं होगा, तो आपका कैसे होगा। अगर आपको ऐसा लग रहा है कि कंपनी आगे नहीं बढ़ पा रही है, तो इसे खतरे की घंटी समझे। कुछ समय तक कंपनी इसका असर कर्मचारियों पर नहीं पड़ने देती, पर अगर लंबे समय तक यह स्थिति रही, तो इसका असर कर्मचारियों पर पड़ना तय है। अगर आपकी कंपनी नीचे जा रही है, विकास नहीं कर पा रही है या एक जगह जाकर फंस चुकी है। न आगे बढ़ रही है और न पीछे जा रही है, तो सोचिए। अगर हालत संभलने की उम्मीद नहीं दिखती, तो दूसरी नौकरी ढूंढ़ लीजिए।

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